यूक्रेन के खिलाफ युद्ध के चलते अपने ही देश के लोगो दुश्मन बने पुतिन ! बौखलाए रूस के लोगो ने कहा..

Russia Ukraine War :

रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध के महाविनाश को सभी लोग अपनी आँखों से देख रहे है। इसमें कोई शक नहीं है कि रूस के ज्यादातर लोग भी इस युद्ध का समर्थन नहीं करते है। उन्होंने इसके खिलाफ प्रदर्शन भी किया पर पुतिन की बेपरवाइयो ने किसी की एक ना सुनी।

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन सन 2000 में सत्ता में आये और उन्होंने अपनी कार्यो को बखूबी संभाला भी और लोगो का विश्वास भी अपनी ओर किया। आपकी जानकारी के लिए बता दे की एक रिपोर्ट के अनुसार, यूक्रेन पर हाल के आक्रमण से पहले, पुतिन की अप्रूवल रेटिंग 71% थी। जिसका साफ़ मतलब था कि पुतिन ने रूस के शाशन को बखूबी संभाला है।

छीन सकती है पुतिन की राजनैतिक गद्दी :

यूक्रेन पर हमले के बाद पुतिन की लोकप्रियता पर इसका गहरा असर पड़ेगा क्युकी बेहड़ से रुसी लोग इस युद्ध के खिलाफ थे जिन्हे प्रदर्शन किये जाने पर जेल में डाल दिया गया। इस बात में कोई शक नहीं है कि पुतिन ने बीते 20 सालों में रूस की अर्थव्यवस्था को बेहद मजबूती दी है।

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आपको बता दे की रूस द्वारा क्रीमिया पर 2014 के कब्जे के बाद पुतिन की लोकप्रियता में भारी उछाल आया। इससे पहले 1990 में सोवियत संघ के पतन के बाद पुतिन ही वो राष्ट्रपति ने जिन्होंने रूस की अर्थव्यवस्था तथा मुद्रा स्फुटि को मजबूती प्रदान की।

कई देशों ने रूस पर लगाए प्रतिबंध :

इस युद्ध के चलते एक बात ये भी रूस के खिलाफ सामने आई है कि अनेक देशों ने अब रूस के पर गंभीर आर्थिक प्रतिबंध लगाए हैं। जिसमे जापान, ऑस्ट्रेलिया, ताइवान और अन्य देशों ने रूस पर नए और कड़े प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है ब्रिटेन ने रूसी उड़ान कंपनी एयरोफ्लोत की उड़ानों पर पाबंदी लगा दी थी।

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इससे पहले, जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा ने इसके नए दंडात्मक कदमों की भी घोषणा की, जिसमें रूसी समूहो, बैंकों और व्यक्तियों के वीजा और संपत्ति को फ्रीज किया जाना शामिल है। इसके अलावा उन्होंने रूसी सेना से जुड़े संगठनों को सेमीकंडक्टर और अन्य वस्तुएं भेजने पर रोक लगाने की भी घोषणा की।

युद्ध के चलते पुतिन की लोकप्रियता में आई कमी :

रूस के देशवासियो का लोकतंत्र के प्रति हमेशा यही मत रहा है कि उनके द्वारा चुना गया नेता अपने कार्यों के प्रति जवाबदेह हो। पर इस युद्ध के बाद ये कहना गलत नहीं होगा कि पुतिन की लोकप्रियता पर इसका खासा असर देखने को मिलेगा।

अपनी सैलून की छवि को पुतिन यक़ीनन अब पतन की ओर ले जाते दिखाई पड़ रहे है। यूक्रेन पर उनके इस सोचे समझे आक्रमण से उनकी छवि बुरी तरह हिल गयी है। जैसे जैसे रूस के लोग एक एक करके युद्ध के खिलाफ आवाज़ उठाने के लिए सामने आने लगे है वैसे वैसे पुतिन की समस्याओं में और अधिक बढ़ोतरी होती जा रही है।


 

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