इस वजह से 475 साल पुराने इस दुर्ग में रखा गया है सिर्फ एक कैदी, जिसको दी जाती है 5 स्टार जैसी सुविधाएं

Indias loneliest Prisoner :

केंद्र शासित प्रदेश दमन और दीव ‘ के बारे में तो आपने सुना ही होगा। आपको शायद जानकर हैरानी हो कि दीव उप जेल में सिर्फ एक बंदी को कैद रखा गया है। 472 साल पुराने इस केंद्र में 33 साल के दीपक कांजी मुख्य बंदी हैं। जेल में पांच जेल प्रहरी और एक आवासीय सुविधा के लिए एक सहयोगी जेलर है।

जेल के प्रभारी चंद्रहास वाजा ने बताया कि जेल कर्मचारी कैदी की चौबीसों घंटे पहरेदारी करते हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दे की गढ़ के करीब एक रेस्तरां है जिससे जेल के कैदी कांजी के लिए खाना मंगवाया जाता है। चुकी वह पुरे किले में अकेला कैदी है इसलिए रोज़ रोज़ एक व्यक्ति खाना बनना जाचता नहीं।

Pic Credit – The quint

दमन औश्र दीव को जल्द बनाया जायेगा गंतव्य स्थल :

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने उल्लेख किया कि उन्हें साइट को पर्यटकों के लिए एक गंतव्य में बदलने की जरूरत है। क्युकी दुर्ग बहुत ही खूबसूरती और लुभावना है जिसने घूमने लायक स्थान बनाया जा सकता है। इस दुर्ग के एक तरफ दूर दूर तक पानी ही पानी है जो इसकी सुंदरता को और ज्यादा बढ़ा देता है।

वर्तमान समय में कैदी दीपक को दूसरी जेल में ले जानी की बात कही जा रही है जिसके बाद इसे पुरातत्व विभाग को सौप दिया जायेगा। भारतीय पुरातत्व विभाग द्वारा बताया गया है कि जल्द ही दुर्ग का काम शुरू किया जायेगा और बिल्डिंग की ज़रुरत वाले स्थान पर मरामद की जायेगी। जिसका पूरा जिम्मा भारतीय पुरातत्व विभाग पर होगा।

एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत के बाकी राज्यों की अपेक्षा दमन औश्र दीव में कैदियों पर ज्यादा खर्च किया जाता है। आंकड़ों की माने तो यहां प्रत्येक कैदी पर 32,000 रूपये का खर्चा आता है।

वास्तव में जेल में सात बंदी थे। बाद में सात बंदियों में से चार को उनके अपराधों के लिए दोषी ठहराए जाने के बाद गुजरात के अमरेली की जेल में स्थानांतरित कर दिया गया था। हालांकि, कांजी को दिसंबर में कथित तौर पर अपनी पत्नी को ज़हर देने के आरोप में पकड़ा गया था, जिसका मामला अभी अदालत में चल रहा है। दोषी पाए जाने पर उसे भी अमरेली ले जाया जाएगा जिसके बाद दीव को पुरातत्व विभाग को सौप दिया जायेगा।

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