डब्बे में लावारिस पड़ा रहा करोडो का कैश, महीनो तक किसी ने नहीं दिया ध्यान पर जब खोला तो…

डब्बे में लावारिस पड़ा रहा करोडो का कैश :

सोशल मीडिया पर सुर्खियों पर छाई एक घटना ने सबको हैरान कर रखा है। जिसमे महीनो से पड़े एक बॉक्स में करोडो का कैश देख सब दंग रह गए। बता दे की घटना भारत की नहीं बल्कि अमेरिका के न्यूयॉर्क स्थित सिटी कॉलेज की है। जहां एक प्रोफेसर के लिए महीनो से रुपए का भरा एक बॉक्स पड़ा था जिस पर किसी ने ध्यान नहीं दिया।

आपकी जानकारी के लिए बता दे कि इन प्रोफेसर का नाम डॉ विनोद मेनन है जो की सिटी कॉलेज में स्टूडेंट्स को शिक्षा देते है। इस बॉक्स में काफी सारे रुपए एक अज्ञात व्यक्ति ने डॉ विनोद मेनन को पिछले वर्ष भेजे थे। उन दिनों कोरोना महामारी के चलते स्कूल और कॉलेजेस बंद थे। जिसके कारण पोस्ट से आये उस बॉक्स को एक कोने में रख दिया गया जिस पर किसी ने भी ध्यान नहीं दिया।

डब्बे में लावारिस पड़ा रहा करोडो का कैश

बॉक्स को खोला तो मिले करोड़ों रुपए :

साल भर बाद जब फिर कॉलेज खुली और विनोद मेनन जब अपनी कॉलेज में अपने ऑफिस पहुंचे तो उन्हें वो बॉक्स दिखाई पड़ा जिस पर उन्ही के ऑफिस का एड्रेस था। जिसके कारण विनोद मेनन ने उस बॉक्स को खोला तो पाया कि उसमें ढेर सारा कैश था। प्रोफेसर ये सब देख कर एक बार को काफी हैरान हो गए।

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किसने भेजा था ये पैसो से भरा बॉक्स :

फिर उन्होंने देखा कि बॉक्स में रुपया के साथ साथ एक चिठ्ठी भी थी। जब विनोद मानों ने चिठ्ठी पढ़ी तो उन्हें सारा मामला समझ आया। दरअसल ये रुपया उन्ही की कॉलेज से पास हुए एक छात्र ने पहुचाये थे। इस नोट में पैसे भेजने वाले शख्स ने लिखा है कि उसने इस कॉलेज से बेहतरीन शिक्षा प्राप्त की और अन्य छात्र भी यह लाभ उठा सके इसीलिए उसने डोनेशन के तौर पर यह बड़ी रकम भेंट स्वरूप दी है।

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कॉलेज के सबसे होनहार छात्रों में से था एक :

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि रुपयों से भरे इस बात को भेजने वाले स्टूडेंट ने न्यूयॉर्क के इसी सिटी कॉलेज से फिजिक्स और मैथ में ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त की थी। अपनी ग्रेजुएशन के बाद इस लड़के ने फिजिक्स में डबल पीएच डी पूरी की थी। यह छात्र खुद पढ़ने में तो बेहद होशियार था ही साथ एक नेक इंसान भी था।

हमेशा से ही वह चाहता था कि सभी लोगो को शिक्षा मिले। जब प्रोफेसर विनोद मेनन ने बॉक्स में मौजूद नोट को पढ़ा तो उन्हें शिक्षण संस्थान से जुड़ने पर गर्व एवं खुशी दोनों ही महसूस हुई। प्रोफ़ेसर मेनन ने बातचीत के दौरान यह बतलाया कि उन्होंने अपनी वास्तविक जीवन में इतने सारे रुपए नगद रूप में एक साथ कभी भी नहीं देखे थे। इतने रुपया एक साथ देख कर उन्हें समझ नहीं आया कि वे कैसे इस पर अपनी प्रतिक्रिया दे।


 

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