8 साल की फल बेचने वाली बच्ची ने सवा लाख रुपए में बेचे 12 आम, 10हजार में बिका एक आम

 

दोस्तों आज हम आपको एक ऐसी बच्ची के बारे में बताने जा रहे हैं जिसके सपनों को उड़ान आम से मिली है। जी हां दोस्तों यह बच्ची पांचवी कक्षा में पढ़ती है और यह सड़क किनारे बैठ कर के आम बेच रही थी । इस बच्ची की कहानी इस तरह से वायरल हुई कि देखते देखते इस लड़की के सपनों को पंख मिल गए।

10 हजार रुपए में बिका,तुलसी का बेहद मीठा आम – WorldTrueNews

इस लड़की को 12 आमों की कीमत सवा लाख रुपए मिली है। दोस्तों हम बात कर रहे हैं झारखंड के जमशेदपुर की 8 साल की तुलसी के बारे में । तुलसी जमशेदपुर मैं एक बंगले के आउट हाउस में रहती है। तुलसी के परिवार की आर्थिक स्थिति काफी खराब है।

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पिछले दिनों महामारी के कारण स्कूल बंद हो गए हैं। स्कूल बंद होने के कारण हर जगह ऑनलाइन क्लासेस शुरू है। लेकिन तुलसी के पास इतने पैसे नहीं है कि वह स्मार्टफोन ले सके और अपनी पढ़ाई आगे शुरू कर सके।

10 हजार रुपए में बिका,तुलसी का बेहद मीठा आम – WorldTrueNews

तुलसी ने अपनी मेहनत से अपनी पढ़ाई के लिए पैसे इकट्ठे करने की ठान ली और वह आम बेचने के लिए निकल पड़ी ।तुलसी जिस बंगले के आउट हाउस में रहती ये उसी के बगीचे से रोजाना आम तोड़कर के लाती थी और उन्हें सड़क पर बैठ कर के बेच थी। इसी दौरान एक पत्रकार ने तुलसी को यह आम बेचते हुए देखे और उनका इंटरव्यू लिया। इस इंटरव्यू में तुलसी ने बताया कि उनकी पढ़ाई बंद हो गई है। उन्हें पढ़ने के लिए फोन की आवश्यकता है और फोन खरीदने के लिए वह पैसे इकट्ठा कर रही हैं।

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तुलसी ने बताया कि वह मोबाइल खरीदने के लिए पैसे जोड़ रही है । तुलसी कि यह कहानी सोशल मीडिया पर बहुत तेजी से वायरल हुई। पढ़ाई के लिए मजबूर तुलसी कि यह कहानी मुंबई में रहने वाले बड़ी कंपनी के चेयरमैन अमिया हेते को पता चली। अमिया ने तुलसी की मदद करने का निर्णय लिया और उनकी सहायता के लिए कदम आगे बढ़ाया। आपको बता दें कि अमिया हेते ने तुलसी के एक आम की कीमत ₹10000 दे कर के उनके आम खरीदे।

तुलसी के पास 12 आम थे और इन 12 आमों के लिए अमिया ने उन्हें ₹120000 दिए। केवल इतना ही नहीं अमिया ने उन्हें एक मोबाइल भी दिया है जिसमें कि 2 साल का इंटरनेट पैक भी पड़ा है। ताकि तुलसी की पढ़ाई बीच में ना रुके।

अमिया हेते ने तुलसी के सपनों को एक नई उड़ान दे दी है। तुलसी ने इस रकम को अपनी आगे की पढ़ाई के लिए सहेजा है। अब तुलसी को अपने परिवार की मदद करने के लिए आम बेचने की जरूरत नहीं है । वह अपनी पढ़ाई पर पूरा ध्यान दे सकती हैं। और अपने सपनों को पूरा कर सकते हैं । तुलसी के माता-पिता अमिया हेते को फरिश्ता बता रहे हैं ।और अपनी बेटी की सहायता करने के लिए उन को बहुत सारा धन्यवाद दे रहे हैं।

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