6ठवीं क्लास में फेल होने वाली लड़की अपनी बेजोड़ मेहनत और लगन से बनी IAS टॉपर

हमारी जिंदगी में सफलता और असफलता का दौर तो चलता ही रहता है। कभी भी यदि हमारे हाथ असफलता लगती है तो हमें हार नहीं मानी चाहिए बल्कि ठीक उसके विपरीत जी तोड़ मेहनत कर आगे बढ़ने चाहिए ताकि हम सफलता की ऊंचाइयों को छू सकें। ऐसी ही कहानी है आईएएस ऑफिसर रुकमणी की, जिन्होंने अपनी असफलता को कभी अपने आगे आने नहीं दिया और अपने जी तोड़ मेहनत से कुछ ऐसा कर दिखाया जिसने दुनिया को चौंका कर रख दिया।

6ठी कक्षा में हुईं फेल, फिर बिना कोचिंग के बनीं UPSC टॉपर! - success story  of rukmani riar who was topper of civil services exam in 2011 tedu - AajTak

हम बात कर रहे हैं चंडीगढ़ की रहने वाली रुकमणी के बारे में जो अपने स्कूली दिनों में कक्षा 6वीं में फेल हो गई थी। इसके बाद उनके माता-पिता ने उन्हें डलहौजी सेक्रेट हार्ड स्कूल में आगे की पढ़ाई के लिए भेज दिया।

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जब वह छठवीं कक्षा में फेल हुई थी, तब उन्होंने लोगों के सामने जाना बंद कर दिया। वह फेल होने की वजह से लोगों के सामने शर्मिंदगी महसूस करने लगी। लेकिन उन्होंने एक दिन सोचा कि इस तरह से यदि वह हार कर बैठ जाएगी तो वह अपनी जिंदगी में कभी आगे नहीं बढ़ पाएगी। इसके बाद ही उन्होंने ठाना कि वह आगे बहुत ऊंचे पद पर जाकर कुछ कर दिखाएगी।

IAS Success Story: 6वीं कक्षा में हुई फेल, बिना कोचिंग के पहले प्रयास में  बनी IAS अफसर - meet ias rukmani riar who topped upsc in her first attempt

इसके बाद रुक्मिणी ने टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल साइंस से मास्टर डिग्री प्राप्त किया। वह यूपीएससी के परीक्षा की तैयारी करने लगी। वह बिना कोचिंग के घर पर ही 5 से 6 घंटे पढ़ती और आखिरकार उन्होंने अपने मेहनत एवं लगन से यूपीएससी की परीक्षा पास कर ली। आईएएस ऑफिसर बनने के बाद रुक्मिणी के व्यवहार में भी काफी परिवर्तन हुआ।

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वह समाज में खुद पर काफी गर्व महसूस करने लगी। उन्होंने अपने माता पिता का नाम भी रोशन किया।

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उनका मानना है कि हमें असफलता के दौर से तो गुजरना ही पड़ता है लेकिन यदि हम डटकर सामना करें तो सफल हो ही जाते हैं और हमें इसके लिए कोई नहीं रोक सकता।

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