पर्यावरण प्रेम का अनूठा मिसाल, कन्यादान में बेटी को ये देकर पेश किया देश के सामने उदाहरण

दोस्तों बीते 5 जून को विश्व पर्यावरण पूरे विश्व में मनाया गया। लेकिन भारत में एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने सभी को हैरान कर के रख दिया है। एक पर्यावरण प्रेमी ने एक ऐसा कार्य किया है जो समाज के लिए एक उदाहरण बन गया है । आपको उसी पर्यावरण प्रेमी होशियार सिंह के कार्य से रूबरू करवाने वाले हैं। जो उन्होंने पर्यावरण दिवस के अवसर पर किया है।

Hoshiyar Singh unique story of environmental love a plant given to daughter  in Kanyadan | पर्यावरण प्रेम की अनूठी कहानी होशियार सिंह की, कन्यादान में  बेटी को दिया पौधा | Hindi News, जयपुर

बता दें कि पर्यावरण दिवस वाले दिन ही पर्यावरण प्रेमी की बेटी की शादी थीम और उन्होंने इस अवसर पर अपनी बेटी को कन्यादान में एक पौधा भेंट स्वरूप दिया है ।बता दे किस पौधे को पिछले 9 साल से बेटी की तरह संभाल का पालन पोषण कर रहे थे ।

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होशियार सिंह अपना सब कुछ पौधों को ही मानते हैं। और उनके ही ऊपर अपने जीवन का सारा समय बिता रहे हैं। वह अधिक से अधिक समय इन पौधों की रखवाली देखभाल एवं पोषण में लगा देते हैं।

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बता दें कि यह शख्स कोई और नहीं बल्कि झुंझुनू के सुल्ताना के समीप सोलाना गांव में रहने वाले होशियार सिंह हैं । पर्यावरण के प्रति इस तरह की भावना देख कर के लोग हैरान रह गए हैं। होशियार हर वर्ष लाखों रुपए पौधें लगाने में सार्वजनिक तौर पर खर्च कर रहे हैं। आपको बता दें कि होशियार सिंह पिछले 9 सालों से सोलाना गांव में छायादार पेड़ों को लगाने का कार्य कर रहे हैं। वह यह कार्य ग्लोबल वार्मिंग से पर्यावरण का संरक्षण करने के लिए कर रहे हैं। इतना ही नहीं उन्होंने अपनी 4 बीघा की जमीन भी पर्यावरण के लिए समर्पित कर दी है ।

हर वर्ष लगाते हैं लाखों पौधे

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बता दें उनकी जमीन में हजारों पेड़ प्रतिवर्ष लगाए जाते हैं। होशियार सिंह की इच्छा है कि दूर दूर तक रेत में हरे भरे पेड़ नजर आए। बता दें कि पर्यावरण के प्रति होशियार सिंह की समर्पण भावना ऐसी है कि जब वह शमशान भूमि में भी जाते हैं तो उनके मन में यही बात चलती है कि किस तरह से ऐसा किया जाए कि शमशान भूमि में भी जगह-जगह छायादार वृक्ष लगाएं। उन्हें ग्लोबल वार्मिंग के बारे में एक ही उपाय समझ आया और वह है हरियाली। उसके बाद इन्होंने अपने खेत के 4 बीघा जमीन पौधे लगाना शुरू किया । और गांव ढाणियों में सार्वजनिक जगहों पर जाकर के साधनों को पहुंचाया पौधों को लगाने का कार्य किया।

बच्चों की तरह करते हैं देख भाल

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होशियार सिंह पौधों को अपने बच्चों की तरह प्रेम करते हैं। उनमें और अपने बच्चों में कोई अंतर नहीं करते हैं। यदि उन्हें कहीं से या खबर मिल जाएगी की कोई पौधा बीमार है या फिर उसे काटा जा रहा है । तो वह रुकते नहीं है बिना किसी भी शुल्क बिना किसी स्वार्थ के उसे संभालने के लिए उसे बचाने के लिए दौड़ पड़ते हैं। और पौधों के प्रति उनकी यही समर्पण भावना के कारण हर साल लाखों रुपए इन पौधों को लगाने में खर्च कर देते हैं। इस वर्ष उनके यहां बरगद, पीपल, नीम आदि छायादार पौधों का निशुल्क वितरण किया गया है।

कन्यादान में दिया पौधा

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आपको बता दें कि अपनी पुत्री दीपिका की शादी में होशियार सिंह ने एक अनूठी पहल की है । उन्होंने अपनी बेटी को कन्यादान में भेंट स्वरूप एक पौधा दिया है । इसके साथ ही साथ वह इस गांव में होने वाले प्रत्येक मांगलिक कार्य में पौधारोपण करवा करके इस गांव की परंपरा में पौधारोपण का विचार सिंचित करना चाहते हैं।

होशियार सिंह पिछले 9 साल से वृक्ष लगाने का कार्य कर रहे हैं। और इन 9 सालों में वह पूरे जिले भर में स्कूल, उप स्वास्थ्य केंद्र, समुदायिक भवन ,मुक्तिधाम कब्रिस्तान, खेल के मैदान एवं आम रास्तों में सब मिलाकर के 45000 से भी अधिक पौधे लगा चुके हैं।

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