पत्नी को पीठ पर लादे कर ढो रहा है यह बुजुर्ग ,कहा- ‘भिखारी नहीं हूं, मजबूर हूं’

एक बुजुर्ग व्यक्ति जिनकी उम्र 71 वर्ष है, वह आज अपनी पत्नी को अपने पीठ पर लादे हुए दिखाई दे रहे हैं। उनके बारे में जानकारी लेने पर उन्होंने इस बारे में बताया कि उनकी पत्नी के पैरों में बीमारी हो गई है, जिसके कारण वह चल नहीं सकती। आपको बता दें कि बुजुर्ग व्यक्ति का नाम राम प्रवेश है। पूछताछ करने पर उन्होंने यह भी बताया कि इसके जिम्मेदार कहीं न कहीं सरकार भी है क्योंकि उनकी पत्नी के पैरों का इलाज नहीं हो पा रहा है और पैसे देकर इलाज करवाने के लिए उनके पास पैसे नहीं है। अपनी पत्नी का इलाज करवाने के लिए उन्हें भिख मांगने की नौबत आ गई है।

सरकार की मार से मजबूर पीठ पर पत्नी को लादे बुजुर्ग का दर्द, कहा भिखारी नही  मजबूर हूं

बुजुर्ग व्यक्ति आगे बताते हैं कि फूड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया में उन्होंने 28 वर्षों तक काम किया और अपनी सेवा दी। यह तो हैरत कर देने वाली बात है कि इतने अच्छे पोस्ट पर काम करने के बावजूद आज उनकी हालत ऐसी कैसे हो गई है, जिसने उन्हें भीख मांगने पर मजबूर कर दिया है।

PHOTOS: पीठ पर पत्नी को लादे बुजुर्ग का छलका दर्द, 'भिखारी नहीं हूं, सरकार  की मार से मजबूर हूं'

उन्होंने बताया कि अचानक एक दिन उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया था और साथ ही उनकी जिंदगी भर की कमाई भी उन्हें नहीं दी गई। उनका कहना है कि लगभग 8 लाख से अधिक रुपए उनके बाकी हैं लेकिन इसे दिलाने में किसी ने भी उनकी मदद नहीं की।

पीठ पर पत्नी को लादे बुजुर्ग ने कहा- भिखारी नहीं हूं, मजबूर हूं - The old  man carrying his wife on the back said- I am not a beggar, I am helpless |

बुजुर्ग व्यक्ति ने यह भी कहा है कि अपनी पत्नी के इलाज और नौकरी के पैसे से जुड़े बातों के लिए उन्होंने कलेक्टर से भी कई बार गुहार लगाई लेकिन किसी ने भी उनकी समस्या को हल नहीं किया। 8 से 10 घंटे तक हर रोज चावल की बोरियां ढोने वाला शख्स आज अपनी पत्नी को पीठ पर लादे लोगों से मदद की गुहार लगा रहा है। राम प्रवेश ने यह भी कहा कि उन्होंने आज तक किसी भी चीज के लिए किसी के सामने हाथ नहीं फैलाया लेकिन अपनी पत्नी का इलाज करवाने के लिए उन्हें हजारों रूपए की जरूरत है। उसके लिए उन्हें कोई काम नहीं मिल रहा और इसी कारण उन्हें भीख मांगने की नौबत आ गई है।

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