कॉस्टेबल बना IPS , जिसे 10 साल तक बोलते रहे “सर”, वही करते हैं अब सैल्युट

आज हम आपको एक ऐसे कॉन्स्टेबल के बारे में बताने जा रहे हैं जिसने अपने नौकरी के दौरान 10 साल के बाद देश की सबसे ज्यादा कठिन परीक्षा उत्तीर्ण किया। और एक आईपीएस अधिकारी बने। बता दें कि जिन अफसरों को वह सर कहा करते थे आज वही अफसर उन्हें सैल्यूट कर रहे हैं।

Constable firoz alam clears upsc become acp

आज हम बात कर रहे हैं फिरोज आलम की आपको बता दे कि फिरोज आलम दसवीं में 51% अंक हासिल कर पाए थे। और इसके अगले ही साल 11वीं की परीक्षा में अनुत्तीर्ण हो गए थे। फिरोज ने 12वीं की कक्षा 58 प्रतिशत अंकों से उत्तीर्ण की थी।

2010 में बने कॉन्स्टेबल

10 साल की जी-तोड़ मेहनत ने फ़‍िरोज़ आलम को बनाया कांस्‍टेबल से ACP - News  AajTak

बता दें कि साल 2010 में फिरोज कॉन्स्टेबल के पद पर तैनात हुए थे। यह दिल्ली पुलिस में कांस्टेबल बने थे। कांस्टेबल बनने के बाद इन्होंने अपने स्नातक और परास्नातक पूरा किया और उसके बाद यूपीएससी की परीक्षाएं देने के लिए खुद को तैयार करने लगे।

2019 में मिली सफलता

Firoj Alam IPS : दिल्ली पुलिस कांस्टेबल से ACP बने फिरोज आलम, पढ़ें लास्‍ट  वर्किंग डे पर लिखा भावुक खत | IPS Feroz Alam appointed ACP from Delhi  Police Constable wrote emotional

आपको बता दें कि फ़िरोज ने कई बार यह परीक्षा दी। लेकिन उन्हें हर बार असफलता प्राप्त हुई। लेकिन साल 2019 में फिरोज ने यूपीएससी की परीक्षा उत्तीर्ण की। यह उनका छटा प्रयास था।

पहनी एसपी की वर्दी

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फ़िरोज बताते हैं की, 31 मार्च साल 2021 बतौर कॉन्स्टेबल उनका आखिरी दिन था। उसके अगले दिन वह कंधों पर सितारों वाली वर्दी के साथ एसपी के तौर पर दिल्ली पुलिस बल में शामिल थे। फिरोज बताते हैं कि पहले वही साथी कॉन्स्टेबल उन्हें भाई कहकर के बुलाते थे। और अब उनके समकक्ष खड़े होकर सब उन्हें सर बोलते हैं।

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बता दे फिरोज का जन्म उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले की पिलखुवा कोतवाली के अंतर्गत आजमपुर गांव में हुआ था। यह पांच भाई एवं तीन बहने हैं। इनके पिता मोहम्मद, कबाड़ी का कार्य करते थे। फिरोज बताते हैं कि जब वह कांस्टेबल के पद पर कार्यरत थे तब अधिकारियों के तौर तरीके और वह रुतबा देख कर के उन्होंने भी यह तय कर लिया था कि वह 1 दिन अफसर जरूर बनेंगे।

Feroze Alam 10 years of hard work and a journey from constable to IPS  officer - फिरोज : 10 साल की मेहनत और अधिकारी तक का सफर - Jansatta

और पूरे मन से अपने लक्ष्य को पाने के लिए तैयारी करने में लग गए। फिरोज बताते हैं कि जब कई बार कोशिश के बाद भी सफलता नहीं मिली तो उनकी हिम्मत टूटने लगी थी। लेकिन इसी दौरान उनके साथी कॉन्स्टेबल विजय कुमार गुर्जर ने यूपीएससी की परीक्षा उत्तीर्ण की और आईपीएस कैडर में पहुंचे हैं। इस बात से एक बार फ़िरोज कि निराशा आशा में बदल गई। और उन्होंने पूरी लगन से तैयारी शुरू कर दी। इसके बाद साल 2019 में फिरोज ने यूपीएससी की परीक्षा उत्तीर्ण की और अपने सपने को पूरा कर लिया।

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